ABOUT GURUJI
Best Pandit Rama ji Upadhyay from Trimbakeshwar Temple Nashik
काल सर्प दोष के प्रकार १२ होते है। आपकी कुंडली में कौनसे प्रकार का काल सर्प दोष है यह जानकर उसी प्रकार की काल सर्प पूजा की जाती है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी होता है कि आपकी कुंडली में कौनसा काल सर्प दोष है। कुंडली जांचने के लिए पंडित रमा जी उपाध्याय गुरुजी से संपर्क करे।कुंडली में काल सर्प दोष होने के कारण जीवन में कई प्रकार की समस्याएं आती है। जैसे कि विवाह में देरी होना, विवाह में बाधा आना, घर में अशांति रहना, व्यापार में नुकसान होना, आर्थिक परेशानी और शारीरिक समस्याएं आदि।त्र्यंबकेश्वर में विधि-विधान से काल सर्प पूजा करने से इन सभी समस्याओं से राहत मिलती है। काल सर्प पूजा के लिए पंडित रमा जी उपाध्याय गुरुजी से संपर्क करें।गुरुजी से पूजा करवाने के बाद मिलने वाले अच्छे परिणामों की वजह से त्र्यंबकेश्वर में उनका विशेष सम्मान और पहचान है। गुरुजी से काल सर्प पूजा करने से ४१ दिनों के भीतर अच्छे और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते है।काल सर्प पूजा का खर्चा, मुहूर्त और पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए पंडित रमा जी उपाध्याय गुरुजी से संपर्क करें।
Trimbakeshwar Pooja
Kaal Sarp Puja In Trimbakeshwar Nashik.
Kalsarp Dosh Nivaran is formed when all the planets are situated between Rahu & Ketu
Just Call Guruji and Check your kundali for free to know dosh in kundali to perform puja accordingly.
Pandit Rama ji Upadhyay Guruji
Kaal Sarp Puja in Trimbakeshwar
Kalsarp Dosh Nivaran is formed when all the planets are situated between Rahu & Ketu. When all the planets are hemmed between Rahu and Ketu i.e., the moon’s north node and the moon’s south node Kalsarp Yog is formed. Complete Kalsarp Yog is formed only when half of the chart is unoccupied by planets.
कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। व्यावहारिक रूप से पीड़ित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है, मुख्य रूप से उसे संतान संबंधी कष्ट होता है। या तो उसे संतान होती ही नहीं, या होती है तो वह बहुत ही दुर्बल व रोगी होती है। उसकी रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह के रोग भी उसे परेशान किये रहते हैं।
Pandit Rama ji Upadhyay Guruji
Kaal Sarp Puja in Trimbakeshwar
Kalsarp Dosh Nivaran is formed when all the planets are situated between Rahu & Ketu. When all the planets are hemmed between Rahu and Ketu i.e., the moon’s north node and the moon’s south node Kalsarp Yog is formed. Complete Kalsarp Yog is formed only when half of the chart is unoccupied by planets.
कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक के पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या शाप के फलस्वरूप उसकी जन्मकुंडली में परिलक्षित होता है। व्यावहारिक रूप से पीड़ित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है, मुख्य रूप से उसे संतान संबंधी कष्ट होता है। या तो उसे संतान होती ही नहीं, या होती है तो वह बहुत ही दुर्बल व रोगी होती है। उसकी रोजी-रोटी का जुगाड़ भी बड़ी मुश्किल से हो पाता है। धनाढय घर में पैदा होने के बावजूद किसी न किसी वजह से उसे अप्रत्याशित रूप से आर्थिक क्षति होती रहती है। तरह तरह के रोग भी उसे परेशान किये रहते हैं।
Pandit Rakesh Tripathi Guruji
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